Saturday, 28 April 2012

कल आँखों से

कल आँखों से धुंधला दिखने लगा था, लगा की अब कमजोर होने लगी है
गौर से देखा जब शीशे मैं तो पता चला न जाने क्यूँ आँखें रोने लगी हैं 
आंखें ही हैं कोई बात नहीं सांसों का चलना जरूरी है 
लेकिन तेरी चाहत में साजन सांसें भी अब कम होने लगी हैं 

3 comments:

  1. bhai "sanam" kaun hai ??????

    waise sach hai sanson ka chalna jaroori hai

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  2. hahahhaha are ye sanb to dhokha hai

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  3. धोखा ये था नहीं, हाँ तुम नाम नहीं बता रहे हो ये धोखा है .......

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