Saturday, 28 April 2012

काश मुझे मालूम होता.........

काश मुझे मालूम होता की मौत कब आएगी, कुछ अधूरे जो थे वो काम कर लेता
ज़िन्दगीभर वैसे तो बहुत बदनाम हुआ मरते मरते ही थोडा नाम कर लेता 
बहुत से ऐसे शौख है जो हमेशा छुप छुप के किये, एक बार तो उन्हें सरेआम कर लेता
हमेशा पी है रात से सुबह करने के लिए एक बार तो सुबह से शाम कर लेता
और साकी ने ही हमेशा मेरा जाम भरा है, एक बार तो मैं भी उसका जाम भर लेता
शीला मुन्नी और जलेबी का नाम  तो बहुत लिया, मरते मरते तो एक बार राम राम कर लेता
और जिन माँ बाप ने ज़िन्दगी भर मेरा ब्होझ उठाया उनका भी सर ऊँचा हो कुछ ऐसा काम कर लेता
काश मुझे मालूम होता की मौत कब आएगी कुछ अधूरे जो थे वो काम कर लेता

1 comment:

  1. बहुत ही अच्छा भई ......निरंतरता बनाये रखना

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